गरम रोला मज़दूर एकता समिति के नेतृत्‍व में वज़ीरपुर के मज़दूरों की हड़ताल आठवें दिन भी जारी

गरम रोला मज़दूर एकता समिति के नेतृत्‍व में वज़ीरपुर के मज़दूरों की हड़ताल आठवें दिन भी जारी

13 जून, दिल्ली। दिल्ली के वज़ीरपुर औद्योगिक इलाके के 26 गरम रोला कारखानों के करीब 1600 मज़दूर विगत 6 जून से हड़ताल पर हैं। मज़दूरों की मांग है कि सभी श्रम कानूनों को सख्ती से लागू किया जाये। वज़ीरपुर में स्टील की बहुत बड़ी इण्डस्ट्री है। यहां पर लोहे को पिघलाकर और ढालकर बर्तन और स्टील का अन्य सामान बनाया जाता है। काम करने की परिस्थितियां बेहद अमानवीय हैं। लोहा पिघलाने की भट्ठियों के पास खड़े होकर और स्टील की बेहद धारदार पत्तियों के बीच मज़दूरों को काम करना पड़ता है। मज़दूरों को न तो कोई श्रम कानून नसीब होता है और न ही काम करने की जगह पर सुरक्षा का ही कोई इन्तजाम होता है। ऐसे में मज़दूर अपने श्रम अधिकारों को हासिल करने के लिए गरम रोला मज़दूर एकता समिति के नेतृत्व में हड़ताल पर हैं। यूनियन के अधिकारी रघुराज का कहना है कि पिछले साल 2013 में भी हड़ताल हुई थी जिसमें कुछ चीजें हासिल हुई थी। किन्तु हर साल 1500 रुपये मज़दूरी बढ़ाने और पी एफ , ईएसआई देने से फैक्टरी मालिक मुकर गये। ऐसे में मज़दूरों को फिर से हड़ताल पर उतरना पड़ा। रघुराज ने मज़दूरों को तमाम अफवाहों से सावधान रहने को कहा तथा अपनी ताकत पर भरोसा रखने का आहवान किया। उन्होंने इस हड़ताल में अन्य मजदूरों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा। गरम रोला मज़दूर एकता समिति से जुड़े मज़दूर कार्यकर्ता सनी सिंह ने बताया कि श्रम विभाग से मज़दूरों का शोषण छिपा नहीं है बल्कि श्रम कानूनों के लागू न होने का एक सबसे बड़ा कारण खुद श्रम विभाग की उदासीनता है। इलाके में नीमड़ी कॉलोनी में श्रम विभाग का दफ्तर है किन्तु उनकी नाक के नीचे मज़दूरों का शोषण बदस्तूर जारी है। मज़दूरों को न तो दिल्ली सरकार द्वारा तय न्यूनतम मज़दूरी मिलती है और न ही ओवर टाइम का डबल रेट से भुगतान होता है। ठेकेदारी प्रथा के तहत हजारों मज़दूर सालों-साल से काम कर रहे हैं। ऐसे में श्रम विभाग को चाहिए कि वह इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करे और श्रम कानूनों को सख्ती से लागू कराये। गरम रोला मज़दूरों की कमेटी के एक मज़दूर बाबूराम का कहना था कि उनकी हड़ताल उनके कानूनी हकों को हासिल कर लिए जाने तक जारी रहेगी। मज़दूर हर रोज औद्योगिक इलाके के राजा पार्क में अपनी सभा चलाते हैं जहां विभिन्न संगठनों से जुड़े मज़दूर कार्यकर्ता और मानवाधिकार संगठन भी समर्थन के लिए आते हैं। विगत 10 जून को पूरे इलाके में एक बड़ी रैली का भी आयोजन किया गया जिसमें स्टील लाइन में काम करने वाले अन्य पेशों के मज़दूरों ने भी गरम रोला के मज़दूरों के समर्थन में काम बंद रखा। रैली में करीब 7000 मज़दूरों ने भागीदारी की। आज मज़दूरों ने राजा पार्क में अपनी सभा की। इस सभा में करीब 800 मज़दूरों ने भागीदारी की। सभा में बात रखते हुए गरम रोला मज़दूर समिति के मज़दूर अम्बिका ने कहा कि हमें अपनी सभा को जोश के साथ चलाना होगा और सभी मज़दूर इस हड़ताल में शिरकत करें। उन्होंने आगे कहा की हड़ताल में सभी मज़दूर न सिर्फ पार्क में बैठें बल्कि मज़दूर वर्ग की इस पाठशाला का इस्तेमाल वर्ग चेतन होने के लिए करें। ह्यूमन राइट लॉ नेटवर्क के कमलेश ने भी सभा को सम्बोधित किया तथा कानूनी मदद का आश्वासन दिया। सभा में आगे बिगुल मज़दूर दस्ता के मज़दूर कार्यकर्ता नवीन ने कहा कि इस हड़ताल पर ठंडा रोला, स्टील लाइन, रिक्शा के मज़दूर भी उम्मीद लगाए बैठे है, इस हड़ताल में जीत पूरे वज़ीरपुर के मज़दूरों की जीत होगी और यह अन्य मज़दूरों को भी संघर्ष के रास्ते पर उतरने का रास्ता दिखाएगी। अंत में मज़दूरों ने हड़ताल को मजबूत बनाने व इसे जीतकर ही उठने की शपथ ली। बिगुल मज़दूर दस्ता की सांस्कृतिक टोली विहान ने ‘एक कथा सुनो रे लोगो’, ‘जारी है हड़ताल’, ‘यूनियन हमारी एकता’ गीत प्रस्तुत किये।

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