मेरे जैसे स्वतंत्र एक्टिविस्टों और वाम तहरीक के बीच सेतु थे डॉक्टर पीयुषेंदु गुप्ता अरुण कुमार मैंने डॉक्टर पी गुप्ता का नाम ज़रूर सुन रखा था। आम जनता के मुंह से, जन श्रुतियों में। एक गरीब-परस्त चिकित्सक के रूप में उनकी ख्याति दूर-दूर तक फैली थी। तब तक वे बीहट गाँव छोड़कर बेगुसराय शहर में …
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