यूनियन के नेताओं ने मज़दूर पंचायत के उदेश्य के बारे में बात करते हुए कहा कि संगठन में जनवादी कार्यप्रणाली बहुत जरूरी है तथा संगठन में फैसले समूह की सहमति से लिये जाने चाहिए। इस से मज़दूरों को यह अहसास भी होता है कि यह माँगें-मसले उनके अपने हैं तथा उन्हें ही इस के लिए लड़ना होगा। अपने इस उदेश्य में यूनियन अब तक सफल रही है और यह लगातार तीसरा साल है जब माँगपत्र तैयार करने के लिए मज़दूर पंचायत बुलाई जा रही है। पिछले दो सालों में यूनियन 72 दिनों की हड़ताल भी कामयाबी के साथ चला चुकी है और उसने मालिकों को झुका के ही दम लिया था। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस साल भी मज़दूर पंचायत बुलाई गई है। बड़ी संख्या में मज़दूरों की भागीदारी निश्चित करने के लिए यूनियन ने 24,000 पर्चे लुधियाना के टेक्सटाइल तथा होजरी मज़दूरों में नुक्कड़ सभाएं कर और कमरे-कमरे जाकर बाँटे और उनको मज़दूर पंचायत में आने के लिये प्रेरित किया।
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