पूरे देश के लिए जहाँ मानसून अच्छी फसल की उम्मीद लेकर आती है, वहीं पूर्वी उत्तरप्रदेश के गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया तथा बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर, गया ज़िलों और उनके आसपास के इलाके के लिए मानसून मौत की काली परछाईं अपने पीछे लेकर आती है। दिमागी बुखार की बीमारी 1978 से लगातार हर साल मानसून के साथ मौत बनकर इन इलाकों में आती है और घरों में छोड़ जाती है बच्चों की लाशें और रोते-बिलखते माँ-बाप! हर साल इन इलाकों में यह बीमारी सैकड़ों लोगों को जिनमें 2-15 वर्ष की आयु के बच्चे ही ज़्यादा होते हैं, निगल जाती है और इससे कई गुना ज़्यादा को सारी उम्र के लिए अपंग बना देती है।
The post पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में दिमागी बुखारः 35 वर्ष से जारी है मौत का ताण्डव appeared first on मज़दूर बिगुल.
Leave a Reply