यह कहानी सिर्फ़ उनके लिए है जो ज़िन्दगी से प्यार करते हैं; उनके लिए जो आज़ाद इंसान की तरह जीना चाहते हैं, गुलामों की तरह नहीं! यह कहानी उनके लिए है जो अन्याय और दमन से नफ़रत करते हैं; उनके लिए जो भुखमरी, ग़रीबी, कुपोषण और बेघरी में जानवरों की तरह नहीं जीना चाहते हैं; यह कहानी उन लोगों के लिए है जो हर रोज़ 12-14 घण्टे खटने, पेट का गड्ढा भरने और फिर शराब के नशे में अपनी निराशा-हताशा को डुबाकर सो जाने को ही ज़िन्दगी नहीं मानते हैं! यह कहानी उनके लिए है जो बराबरी, इंसाफ़ और इज़्ज़त भरी ज़िन्दगी जीना चाहते हैं! अगर आप उनमें से हैं तो यह कहानी आपके लिए ही है।
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