साम्राज्यवादी वैश्वीकरण के दौर में भगत सिंह के विचारों की प्रासंगिकता

अर्जुन प्रसाद सिंह शहीद-ए-आजम भगत सिंह ने यह बात 1931 में फांसी के फंदे पर लटकाये जाने के कुछ ही दिन पहले कही थी। उनका अनुमान सही निकला और करीब 16 साल बाद 1947 में एक समझौता हो गया। इस समझौते के तहत अंग्रजों को भारत छोड़ना पड़ा और देश की सत्ता की बागडोर ‘गोरे […]

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