रियाज़ उल हक़ मलकपुर शिविर, शामली. अपनी बीमार मां और हताश पिता से बीच चार लोगों के परिवार के लिए आटा गूंधते हुए निसा कैमरा देख कर रुकती नहीं. बस मुस्कुरा देती है. पास के खाट पर उसकी मां की सांसें दमे से उखड़ रही हैं और पिता धुआं उगलते चूल्हे में आग जलाने की […]
तस्वीर के पर्दे में: मुज़फ्फरनगर राहत शिविरों से लौट कर
Written by
in
Leave a Reply