रैनबैक्सी मामला कम गुणवत्ता वाली और नकली दवाओं के कारोबार की एक छोटी-सी झलक है!

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर साल 2,00,000 मौतें नकली या घटिया दवाओं के कारण होती हैं। इस आँकड़े में केवल मलेरिया और टी.बी. रोगों से पीड़ित उन मरीजों की मौतें ही शामिल हैं जिनकी मौत का कारण नकली या घटिया दवाएँ माना जा सकता है। मगर एक अध्ययन ने दिखाया है कि यह आँकड़ा भी ऐसी मौतों को बहुत कम करके देखता है। इस अध्ययन के लेखकों ने दिखाया है कि अकेले मलेरिया और टी.बी. के मामले में ही नकली या घटिया दवाओं के कारण होने वाली मृत्यु की संख्या 7,00,000 है और भी दुःख की बात यह है कि दुनिया भर में मलेरिया के कारण हर साल कुल 10 लाख लोगों की मृत्यु होती है जिसमें से 4.5 लाख घटिया या कम गुणवत्ता वाली दवाओं के कारण होती है। इस आंकडे़ से ही अन्दाज़ा लगाया जा सकता है कि अगर सब रोगों के लिए मौत का आँकड़ा लिया जाये तो नकली या घटिया दवाओं के कारण मरने वालों की संख्या कितनी हो सकती है।

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