ले. : सिद्धार्थ वरदराजन मोदी के लगातार हो रहे उभार का उनकी हिंदुत्ववादी साख और अपील से कुछ खास लेना-देना नहीं है जैसा कि उनके धर्मनिरपेक्ष आलोचक बता रहे हैं। मोदी आज जहां हैं—सत्ता के शीर्ष पर, वह इसलिए नहीं कि आज देश और भी सांप्रदायिक हो गया है बल्कि इसलिए कि भारतीय कॉरपोरेट-जगत हर [Read the Rest…]
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